जैसे ही सर्दी का मौसम आता है, बाजारों में गजक की खुशबू और मिठास फैलने लगती है। तिल, मूंगफली, गुड़ और शकर से बनी गजक सिर्फ स्वाद ही नहीं, बल्कि सेहत का भी खजाना होती है। ठंडी हवाओं में जब शरीर को अतिरिक्त ऊर्जा और गर्माहट की जरूरत होती है, तब गजक एक पारंपरिक और प्राकृतिक उपाय बनकर सामने आती है। यह मिठाई नहीं, बल्कि सर्दियों का देसी टॉनिक है।
गजक एक पारंपरिक भारतीय मिठाई है, जो मुख्य रूप से सर्दियों में बनाई और खाई जाती है। इसमें तिल, मूंगफली या चना जैसे तत्वों को गुड़ या शकर (देशी चीनी) के साथ मिलाकर तैयार किया जाता है। उत्तर भारत, खासकर मध्यप्रदेश, राजस्थान और उत्तर प्रदेश में गजक सर्दियों की पहचान मानी जाती है।
गजक बनाने की पारंपरिक विधि
आवश्यक सामग्री
- तिल या मूंगफली
- गुड़ या शकर
- थोड़ा सा देसी घी
- इलायची या सौंफ (स्वाद के लिए)
बनाने की विधि
सबसे पहले तिल या मूंगफली को धीमी आंच पर भून लिया जाता है। इसके बाद गुड़ या शकर को कड़ाही में डालकर हल्की आंच पर पिघलाया जाता है। जब गुड़ या शकर अच्छी तरह गल जाए और उसमें हल्की चाशनी जैसी गाढ़ापन आ जाए, तब उसमें भुने हुए तिल या मूंगफली मिलाई जाती है। इस मिश्रण को जल्दी-जल्दी फैलाकर पतली परत बनाई जाती है।ठंडा होने पर इसे मनचाहे आकार में काट लिया जाता है। यही तैयार होती है कुरकुरी और स्वादिष्ट गजक।
सर्दियों में गजक क्यों है फायदेमंद?
गुड़ और तिल दोनों ही तासीर में गर्म होते हैं। ये शरीर की आंतरिक गर्मी बनाए रखते हैं और ठंड से बचाव करते हैं। गुड़ और शकर में मौजूद प्राकृतिक शर्करा शरीर को तुरंत ऊर्जा देती है, जिससे सर्दियों की सुस्ती दूर होती है। गुड़ पाचन क्रिया को मजबूत करता है और कब्ज जैसी समस्याओं से राहत देता है, जो सर्दियों में आम होती हैं। तिल और मूंगफली में कैल्शियम और प्रोटीन पाया जाता है, जो हड्डियों और जोड़ों के लिए लाभकारी है। गुड़ में मौजूद खनिज तत्व शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाने में सहायक होते हैं।
गुड़ की गजक और शकर की गजक में अंतर
गुड़ की गजक अधिक पौष्टिक मानी जाती है, क्योंकि गुड़ में आयरन और मिनरल्स पाए जाते हैं। शकर की गजक हल्की होती है और जिन्हें गुड़ का स्वाद पसंद नहीं, उनके लिए यह बेहतर विकल्प है।
कब और कितनी गजक खानी चाहिए?
- सुबह या दोपहर में गजक खाना अधिक फायदेमंद होता है।
- सीमित मात्रा में सेवन करने से इसका पूरा लाभ मिलता है।
- अधिक मात्रा में खाने से वजन बढ़ सकता है, इसलिए संतुलन जरूरी है।
सर्दी के मौसम में गुड़ और शकर की गजक शरीर को अंदर से गर्म रखने के साथ ऊर्जा, मजबूती और मिठास देती है। यह देसी स्वाद और सेहत का ऐसा मेल है, जो आज भी उतना ही प्रासंगिक है जितना पहले था। गजक सिर्फ एक खाद्य पदार्थ नहीं, बल्कि हमारी सर्दियों की परंपरा का हिस्सा है। पीढ़ियों से यह मिठास सर्द मौसम में सेहत और स्वाद दोनों का संतुलन बनाए हुए हैं।