कुत्ता काटने से किन-किन बीमारियों का खतरा रहता है?

जानें कब और क्यों तुरंत लगवाना चाहिए इंजेक्शन

by Real Voice News

कुत्ता काट लेना एक आम घटना है, लेकिन इसके खतरे बेहद गंभीर हो सकते हैं। कई बार लोग इसे हल्का समझकर इलाज में देरी कर देते हैं, जिससे स्थिति जानलेवा बन सकती है। इसलिए कुत्ता काटने के बाद सही जानकारी, समय पर इंजेक्शन और सावधानियां बहुत जरूरी हैं।

कुत्ता काटने से होने वाले मुख्य खतरे:

रेबीज़ (Rabies)सबसे बड़ा और जानलेवा खतरा: यह एक वायरल बीमारी है जो मस्तिष्क और तंत्रिका तंत्र को प्रभावित करती है। एक बार लक्षण शुरू हो जाएं तो इसका इलाज संभव नहीं होता, इसलिए सिर्फ समय पर इंजेक्शन लगवाना ही जीवन बचा सकता है।

टिटनेस (Tetanus): कुत्ते के दांतों में मौजूद बैक्टीरिया घाव में जाकर टिटनेस पैदा कर सकते हैं। यह नसों को प्रभावित करता है और जानलेवा हो सकता है।

बैक्टीरियल इंफेक्शन: घाव में पस बनना, सूजन, लालिमा और तेज दर्द। तेज बुखार या शरीर में संक्रमण फैलना।

स्किन इंफेक्शन: कुत्ते के काटने से त्वचा पर गंभीर एलर्जी, खुजली या सूजन भी हो सकती है।

कुत्ता काटने के बाद कितने घंटे में इंजेक्शन लगवाना जरूरी है? कुत्ता काटने के तुरंत बाद डॉक्टर के पास जाना आवश्यक है। सामान्य रूप से ✔️ पहला एंटी-रेबीज़ इंजेक्शन 24 घंटे के अंदर लगवाना बेहद जरूरी है। जितनी जल्दी इंजेक्शन लगेगा, उतना अधिक प्रभावी रहेगा। देरी होने पर खतरा बढ़ जाता है। याद रखें: रेबीज़ में समय ही जीवन है।

कुत्ता काटे तो तुरंत क्या करें?

  • तुरंत नज़दीकी अस्पताल जाएं और डॉक्टर से इंजेक्शन लगवाएं।
  • कुत्ते का व्यवहार कैसे था शांत या आक्रामक, यह जानकारी डॉक्टर को दें।

काटने वाले या पागल (रेबीज़ संक्रमित) कुत्ते के लक्षण:

  • अत्यधिक आक्रामक होना।
  • बिना उकसाए किसी पर हमला करना।
  • बिना डर के मनुष्य या जानवरों पर भौंकना या काटना।
  • मुंह से झाग निकलना।
  •  पानी देखने से डरना (Hydrophobia)
  • लड़खड़ाकर चलना या शरीर में कमजोरी।
  • अजीब आवाज़ें निकालना या आवाज भारी होना।
  • भोजन या पानी ग्रहण न करना।
  • आंखों की चमक बदलना या पागलपन जैसा व्यवहार।
  • ऐसे किसी भी कुत्ते से दूरी रखें और यदि उसने काटा है तो बिना देरी उपचार करवाएं।

कुत्ता काटने से कैसे बचें?

  • आवारा कुत्तों को चिढ़ाएं नहीं।
  • बच्चों को सिखाएं कि सड़क पर कुत्तों के पास न जाएं।
  • कुत्तों के संघर्ष या झुंड से दूरी बनाए रखें।
  • रात में तेज रोशनी लेकर चलें।
  • घर के पालतू कुत्तों को समय-समय पर रेबीज़ वैक्सीन लगवाते रहें।

कुत्ता काटना मामूली बात नहीं है। यह रेबीज जैसी घातक बीमारी का कारण बन सकता है। इसलिए कुत्ता काटने के बाद पहले 24 घंटे बेहद महत्वपूर्ण होते हैं। समय पर इंजेक्शन लगवाने से जान बचाई जा सकती है। लोगों को जागरूक होना जरूरी है ताकि कोई भी लापरवाही के कारण अपनी या अपने बच्चों की जान जोखिम में न डाले।

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