गर्मी में गाड़ी ओवरहीट हो जाए तो क्या करें: बाइक-कार वालों के लिए जरूरी टिप्स
इन दिनों 42°C पार कर रहा है। ऐसे में सड़क पर अचानक गाड़ी ओवरहीट होना आम बात है। अगर समय पर सही कदम न उठाए जाएं तो इंजन सीज हो सकता है और 50 हजार से 2 लाख तक का खर्चा आ सकता है।
जानिए ओवरहीट होने पर क्या करें और कैसे बचें:
ओवरहीट के 5 बड़े लक्षण पहचानें:
गाड़ी चलाते समय इन संकेतों को इग्नोर न करें
1. टेम्परेचर गेज: सुई H की तरफ पहुंच जाए या लाल निशान पार कर दे
2. बोनट से धुआं/भाप: खासकर सफेद भाप निकलना खतरनाक संकेत है
3. AC से गर्म हवा: AC अचानक ठंडा करना बंद कर दे
4. इंजन से अजीब आवाज: खट-खट या सीटी जैसी आवाज
5. कूलेंट की गंध: मीठी-सी जलने जैसी स्मेल आए
ओवरहीट हो जाए तो तुरंत ये 6 काम करें-
स्टेप-1: गाड़ी साइड में लगाएं और बंद करें- सबसे पहले सेफ जगह देखकर गाड़ी रोकें। इंजन तुरंत बंद करें। ओवरहीट इंजन चलाने से हेड गैस्केट उड़ सकता है।
स्टेप-2: AC बंद करें, हीटर ऑन करें- ये सुनने में अजीब लगे, पर कार का हीटर इंजन की गर्मी खींचता है। हीटर फुल स्पीड पर ऑन करें और खिड़कियां खोल दें। 2-3 मिनट में टेम्परेचर 5-10°C गिर जाएगा।
स्टेप-3: बोनट 15 मिनट तक न खोलें- ओवरहीट इंजन में कूलेंट 100°C से ऊपर उबल रहा होता है। तुरंत बोनट खोलने से भाप से हाथ-मुंह जल सकते हैं। कम से कम 15-20 मिनट ठंडा होने दें।
स्टेप-4: कूलेंट लेवल चेक करें- इंजन ठंडा होने के बाद कपड़े से ढककर रेडिएटर कैप धीरे-धीरे खोलें। अगर कूलेंट कम है तो सिर्फ पानी डालकर काम चलाएं। लेकिन ध्यान दें: गर्म इंजन में ठंडा पानी सीधे कभी न डालें – इंजन ब्लॉक में क्रैक आ सकता है।
स्टेप-5: पंखा चेक करें- इंजन ऑन करके देखें कि रेडिएटर फैन चल रहा है या नहीं। 70% ओवरहीट केस सिर्फ फैन फ्यूज उड़ने से होते हैं।
स्टेप-6: मैकेनिक को बुलाएं- अगर कूलेंट लीक हो रहा है, इंजन ऑयल दूधिया सफेद दिख रहा है, या बार-बार ओवरहीट हो रही है तो गाड़ी खींचकर न चलाएं। टो वैन मंगाएं।
बाइक वालों के लिए खास टिप्स-
1. लगातार 60-70 किमी से ज्यादा न चलाएं। हर 1 घंटे बाद 10 मिनट का ब्रेक दें
2. इंजन ऑयल: गर्मी में 20W-40 या 10W-40 ग्रेड ऑयल डालें। पतला ऑयल जल्दी जलता है
3. एयर कूल्ड इंजन: ट्रैफिक में देर तक क्लच दबाकर न रखें। न्यूट्रल करें
4. साइलेंसर के पास पैर: लंबी राइड में प्लास्टिक चप्पल पिघल सकती है। जूते पहनें
ओवरहीट से बचने के 5 पक्के उपाय
1. हफ्ते में 1 बार कूलेंट चेक करें: रिजर्व टैंक में MIN-MAX के बीच होना चाहिए। सिर्फ पानी नहीं, 50% कूलेंट + 50% डिस्टिल्ड वॉटर डालें
2. रेडिएटर साफ रखें: सामने जमी धूल-पत्तियों से 30% कूलिंग कम हो जाती है। पाइप से धीमी धार से धोएं
3. दोपहर 12-4 बजे लंबी ड्राइव टालें: मजबूरी हो तो 80 किमी/घंटा से ऊपर न चलाएं
4. पुरानी गाड़ियों में: 5 साल से पुरानी कार में थर्मोस्टेट वॉल्व और वॉटर पंप जरूर चेक कराएं
5. पार्किंग: धूप में गाड़ी खड़ी करते समय विंडशील्ड पर रिफ्लेक्टर लगाएं। केबिन 70°C तक गर्म हो जाता है
ये गलतियां कभी न करें
❌ ओवरहीट इंजन पर ठंडा पानी डालना
❌ रेडिएटर कैप तुरंत खोलना
❌ कूलेंट की जगह सिर्फ नल का पानी इस्तेमाल करना – जंग लगाता है
❌ टेम्परेचर गेज को इग्नोर करके चलाते रहना
एक्सपर्ट की सलाह: “गर्मी में हर 5000 किमी पर कूलिंग सिस्टम की जांच कराएं। 200-300 रु की जांच आपको 20 हजार के बिल से बचा सकती है” – शहजाद खान, ऑटो सर्विस
डिस्क्लेमर: ये सामान्य जानकारी है। गाड़ी के मैन्युअल में दिए निर्देश हमेशा फॉलो करें। बड़ी खराबी में ऑथराइज्ड सर्विस सेंटर से संपर्क करें।