नवरात्रि में महाअष्टमी और महानवमी का इंतजार भक्तों को पूरे साल रहता है, लेकिन इस बार माता के भक्तों के सामने एक बड़ा सवाल खड़ा हो गया है—महाअष्टमी आखिर 18 अक्टूबर को मनाएं या 19 अक्टूबर को? और महानवमी का व्रत किस दिन रखा जाए?
दरअसल, इस साल तिथियों के समय में ऐसा संयोग बन रहा है कि अष्टमी और नवमी को लेकर अलग-अलग जगहों पर अलग जानकारी देखने को मिल रही है। अष्टमी तिथि 18 अक्टूबर की सुबह करीब 8:27 बजे शुरू होकर 19 अक्टूबर की सुबह 10:51 बजे तक रहेगी। उदया तिथि के नियम के अनुसार महाअष्टमी 19 अक्टूबर, सोमवार को मनाना प्रमुख माना जा रहा है।
इसके बाद 19 अक्टूबर की सुबह 10:51 बजे के बाद नवमी तिथि शुरू हो जाएगी, जो 20 अक्टूबर की दोपहर तक रहेगी। यही वजह है कि इस बार कई लोगों को लग रहा है कि अष्टमी और नवमी एक ही दिन पड़ रही हैं। कुछ पंचांगों में 19 अक्टूबर को ही अष्टमी और नवमी दोनों के धार्मिक अनुष्ठानों का उल्लेख किया गया है।
कन्या पूजन कब करें?
अगर आपके घर में अष्टमी के दिन कन्या पूजन करने की परंपरा है, तो 19 अक्टूबर को अष्टमी तिथि के दौरान पूजा की जा सकती है। वहीं जिन परिवारों में नवमी के दिन कन्या पूजन किया जाता है, वे 20 अक्टूबर को भी अपनी परंपरा के अनुसार पूजा कर सकते हैं। अलग-अलग क्षेत्रों और पंचांग परंपराओं में थोड़ा अंतर हो सकता है।
यानी इस बार मामला सिर्फ तारीख देखने का नहीं, बल्कि तिथि और उदया तिथि के नियम को समझने का है। इसलिए सोशल मीडिया पर चल रही किसी भी तारीख को देखकर तुरंत फैसला करने के बजाय अपने क्षेत्र के पंचांग और घर की परंपरा को प्राथमिकता देना बेहतर रहेगा।
सीधी बात: 2026 में महाअष्टमी के लिए 19 अक्टूबर प्रमुख तारीख मानी जा रही है, जबकि महानवमी की तिथि 19 अक्टूबर से शुरू होकर 20 अक्टूबर तक रहेगी। इसी तिथि संयोग ने इस बार महाअष्टमी और महानवमी को लेकर भक्तों का कन्फ्यूजन बढ़ा दिया है।
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