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ब्रेक सिस्टम
टायर और स्टेपनी
वाइपर ब्लेड
हेडलाइट और फॉग लाइट
बैटरी
इंजन ऑयल
एयर फिल्टर
AC और डीफॉगर
सस्पेंशन व स्टीयरिंग
इलेक्ट्रिकल सिस्टम
ये 10 जांचें करा लीं तो बारिश में नहीं होगी परेशानी, प्री-मानसून बारिश शुरू, क्या आपका वाहन है तैयार?
देश के कई राज्यों में प्री-मानसून बारिश शुरू हो चुकी है और जल्द ही मानसून पूरी तरह सक्रिय होने वाला है। बारिश का मौसम जहां गर्मी से राहत देता है, वहीं वाहन चालकों के लिए कई नई चुनौतियां भी लेकर आता है। फिसलन भरी सड़कें, खराब विजिबिलिटी, जलभराव और ब्रेकिंग सिस्टम पर बढ़ता दबाव दुर्घटनाओं का जोखिम बढ़ा सकते हैं। ऐसे में विशेषज्ञ सलाह देते हैं कि मानसून शुरू होने से पहले वाहन की जरूरी सर्विस और जांच अवश्य करवा लेनी चाहिए। थोड़ी सी तैयारी आपको सड़क पर होने वाली बड़ी परेशानी और महंगे रिपेयरिंग खर्च से बचा सकती है।
सबसे पहले ब्रेक सिस्टम की जांच कराएं
बारिश के मौसम में वाहन की सुरक्षा सबसे ज्यादा ब्रेक पर निर्भर करती है। यदि ब्रेक पैड घिस चुके हैं या ब्रेक ऑयल की स्थिति ठीक नहीं है तो फिसलन वाली सड़क पर वाहन रोकना मुश्किल हो सकता है।
क्या जांच कराएं?
– ब्रेक पैड की स्थिति
– ब्रेक डिस्क
– ब्रेक ऑयल लेवल
– हैंड ब्रेक सिस्टम
टायरों की हालत जरूर जांचें
मानसून में सड़क पर पकड़ (Grip) बनाए रखने में टायर महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। घिसे हुए टायर बारिश में स्किडिंग और हाइड्रोप्लानिंग का खतरा बढ़ा सकते हैं।
इन बातों पर ध्यान दें-
– टायर ट्रेड डेप्थ पर्याप्त हो
– टायर में कट या दरार न हो
– एयर प्रेशर सही हो
– स्टेपनी की भी जांच करें
वाइपर ब्लेड बदलने की जरूरत तो नहीं?
अचानक तेज बारिश के दौरान वाइपर ठीक से काम नहीं कर रहे हों तो विजिबिलिटी गंभीर रूप से प्रभावित हो सकती है। जांच करें वाइपर रबर घिसा तो नहीं, विंडशील्ड पर लाइनें तो नहीं छोड़ रहा, वॉशर फ्लूइड पर्याप्त मात्रा में है या नहीं।
हेडलाइट और फॉग लाइट की जांच करें
बारिश और बादलों के कारण दिन में भी रोशनी कम हो सकती है। इसलिए वाहन की सभी लाइट्स सही स्थिति में होना जरूरी है।
जांच कराएं: हेडलाइट, टेल लाइट, ब्रेक लाइट, इंडिकेटर, फॉग लाइट।
बैटरी की स्थिति चेक कराएं
नमी और मौसम में बदलाव का असर वाहन की बैटरी पर भी पड़ सकता है। कमजोर बैटरी बारिश के मौसम में अचानक जवाब दे सकती है।
जांचें: बैटरी वोल्टेज, टर्मिनल कनेक्शन, बैटरी बैकअप, जंग या लीकेज।
इंजन ऑयल और फिल्टर बदलवाएं
मानसून शुरू होने से पहले इंजन ऑयल और एयर फिल्टर की जांच करवा लेना बेहतर रहता है। साफ फिल्टर और सही ऑयल इंजन की कार्यक्षमता बनाए रखने में मदद करते हैं।
AC और डीफॉगर की जांच भी जरूरी
बारिश में शीशों पर धुंध (Fog) जमना आम समस्या है। यदि AC और डीफॉगर ठीक से काम नहीं कर रहे हैं तो ड्राइविंग जोखिमपूर्ण हो सकती है।
जांच करें: AC कूलिंग, डीफॉगर सिस्टम, एयर फ्लो, केबिन फिल्टर।
सस्पेंशन और स्टीयरिंग सिस्टम पर दें ध्यान
बारिश में सड़क पर गड्ढों की संख्या बढ़ जाती है। कमजोर सस्पेंशन और ढीला स्टीयरिंग वाहन नियंत्रण को प्रभावित कर सकता है।
इलेक्ट्रिकल सिस्टम की जांच कराएं
मानसून में शॉर्ट सर्किट की संभावना बढ़ जाती है। वाहन के वायरिंग सिस्टम की जांच समय रहते करवा लेना समझदारी है।
जांचें: हॉर्न, पावर विंडो, सेंसर, वायरिंग, फ्यूज बॉक्स
अंडरबॉडी और रस्ट प्रोटेक्शन भी है जरूरी
बारिश के दौरान कीचड़ और पानी वाहन के निचले हिस्से में जमा हो सकते हैं, जिससे जंग लगने का खतरा बढ़ता है।
विशेषज्ञ समय-समय पर अंडरबॉडी वॉश और एंटी-रस्ट ट्रीटमेंट कराने की सलाह देते हैं।
मानसून कार सर्विस चेकलिस्ट
मानसून से पहले वाहन में ये 10 चीजें जरूर जांचें
ब्रेक सिस्टम
टायर और स्टेपनी
वाइपर ब्लेड
हेडलाइट और फॉग लाइट
बैटरी
इंजन ऑयल
एयर फिल्टर
AC और डीफॉगर
सस्पेंशन व स्टीयरिंग
इलेक्ट्रिकल सिस्टमबारिश में ड्राइविंग के दौरान रखें ये सावधानियां
– तेज रफ्तार से बचें।
– आगे वाले वाहन से पर्याप्त दूरी रखें।
– जलभराव वाले रास्तों में सावधानी बरतें।
– अचानक ब्रेक लगाने से बचें।
– फॉग या तेज बारिश में हेडलाइट का उपयोग करें।
मानसून से पहले वाहन की सर्विस केवल रखरखाव का काम नहीं, बल्कि सुरक्षा से जुड़ा महत्वपूर्ण कदम है। ब्रेक, टायर, बैटरी, वाइपर और लाइट्स जैसी जरूरी चीजों की समय पर जांच आपको बारिश के मौसम में सुरक्षित और परेशानी मुक्त यात्रा का अनुभव दे सकती है। थोड़ी सी तैयारी न केवल दुर्घटनाओं के जोखिम को कम करती है, बल्कि भविष्य में होने वाले बड़े रिपेयरिंग खर्च से भी बचाती है।