ऑस्ट्रेलिया को बांग्लादेश ने दिखाया आईना, कंगारुओं की अकड़ 4 दिन में निकली!

by Real Voice News

Real voice news क्रिकेट की दुनिया में ऑस्ट्रेलिया का नाम आते ही बड़े-बड़े बल्लेबाजों और गेंदबाजों के पसीने छूटने लगते हैं। लेकिन इस बार कहानी थोड़ी अलग थी। बांग्लादेश की टीम ऑस्ट्रेलिया पहुंची तो शायद कंगारुओं ने सोचा होगा कि मेहमान आए हैं, कुछ दिन क्रिकेट खेलेंगे और वापस चले जाएंगे। लेकिन बांग्लादेश ने ऐसा स्वागत किया कि ऑस्ट्रेलियाई टीम को मैच खत्म होने से पहले ही अपनी रणनीति पर दोबारा विचार करना पड़ा।

बांग्लादेश ने ऑस्ट्रेलिया को 9 विकेट से हराकर ऐसी ऐतिहासिक जीत दर्ज की, जिसे लंबे समय तक याद किया जाएगा। खास बात यह रही कि मुकाबला ऑस्ट्रेलिया की अपनी जमीन पर हुआ। यानी घरेलू मैदान, घरेलू दर्शक और घरेलू माहौल—सब कुछ ऑस्ट्रेलिया के पक्ष में था, बस मैच का नतीजा छोड़कर।

पहली पारी में ही बिगड़ गया खेल

ऑस्ट्रेलिया की टीम पहली पारी में 198 रन पर ढेर हो गई। बांग्लादेश ने जवाब में 426 रन ठोक दिए। अब ऑस्ट्रेलिया के पास दो ही रास्ते थे—या तो शानदार वापसी करे या फिर बांग्लादेश को यादगार जीत का मौका दे। ऑस्ट्रेलिया ने दूसरा रास्ता चुनना ज्यादा आसान समझा।

दूसरी पारी में भी नहीं चली कंगारुओं की ‘अकड़’
दूसरी पारी में ऑस्ट्रेलिया ने संघर्ष जरूर किया। कैमरन ग्रीन ने शानदार शतक लगाकर उम्मीद जगाई कि शायद मैच में रोमांच लौट आए। लेकिन बांग्लादेश के गेंदबाजों ने बाकी बल्लेबाजों को ज्यादा देर तक टिकने का मौका नहीं दिया। पूरी ऑस्ट्रेलियाई टीम 284 रन पर ऑलआउट हो गई और बांग्लादेश के सामने जीत के लिए सिर्फ 57 रन का लक्ष्य रह गया। अब बांग्लादेश के सामने मुश्किल थी ही कितनी? 57 रन यानी इतने रन तो टीम कभी-कभी नेट प्रैक्टिस में भी बना लेती है!

9 विकेट से जीत और ऑस्ट्रेलिया को बड़ा झटका
बांग्लादेश ने सिर्फ एक विकेट गंवाकर लक्ष्य हासिल कर लिया और ऑस्ट्रेलिया को 9 विकेट से हरा दिया। मैच देखकर ऐसा लगा जैसे ऑस्ट्रेलिया ने बांग्लादेश को टेस्ट खेलने के लिए बुलाया था, लेकिन बांग्लादेश ने आते ही मेजबानों को ही टेस्ट दे दिया! बांग्लादेश के गेंदबाजों ने ऑस्ट्रेलियाई बल्लेबाजों को जमकर परेशान किया। हसन महमूद ने शानदार गेंदबाजी करते हुए मैच में 9 विकेट झटके, जबकि मेहदी हसन मिराज ने बल्ले और गेंद दोनों से अपना जलवा दिखाया।

कंगारुओं के लिए खतरे की घंटी?
ऑस्ट्रेलिया जैसी टीम को उसके घर में हराना कोई छोटी बात नहीं है। बांग्लादेश की इस जीत ने साफ कर दिया है कि क्रिकेट में सिर्फ नाम और पुराना रिकॉर्ड काफी नहीं होता। कभी-कभी छोटी समझी जाने वाली टीम भी अब पेपर चेक करने आया है!

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